पारिवारिक व्यवसाय
रमेश के शब्दों में, सोनिया और रमेश देवांग़ोडी ने, ’’ प्रेम विवाह किया है’’। उनकी मुलाकात तब हुई जब रमेश सोनिया के पिता के रेस्टॉरन्ट, न्यू एशियन विलेज, में शेफ के तौर पर काम करने के लिए एडमन्टन आए। सोनिया उन्हें लेने के लिए एअरपोर्ट गई थीं, और पहली ही नजर में उन दोनों को प्यार हो गया। रमेश के लिए, जो कि अपने देश भारत को छ़ोडकर १० साल पहले विन्निपेग आए थे और फिर एडमन्टन में न्यू एशियन विलेज में नौकरी शुरू की थी, यह शादी करने का सही समय था। यहां पहुंचने के दो वर्ष बाद, वे परिणय सूत्र में बंध गए।
उनका सपना था कि वे अपना स्वयं का एक रेस्टॉरन्ट खोले। अपने वेस्ट एडमन्टन न्यू एशियन विलेज में बैठकर, रमेश गर्व से बताते हैं, ’’हमने एकदम शून्य से शुरुआत की थी। पहले यह एक बेकरी हुआ करती थी। सोनिया की दो बहने हैं और दोनों अपनाअपना न्यू एशियन विलेज चलाती हैं, और सोनिया और रमेश ने एडमन्टन के उत्तरी भाग में अपना दूसरा न्यू एशियन विलेज खोला है। अब ४ जगहें हैं, जिन सभी को बहने चलाती हैं, और एक ५वां शेरवुड पार्क में खुलने वाला है। सोनिया बताती हैं, ’’लोगों को कहानी बहुत आकर्षित करती है, लेकिन इसके पीछे कठिन मेहनत है। हम सब वास्तव में बहुत मेहनत करते हैं।‘‘ परिवार के सभी सदस्य प्रत्येक २ महीने या लगभग इतने ही समय पर मिलते हैं और अपनेअपने रेस्टॉरन्ट के बारे में विचारविमर्श करते हैं। ’’हम सब अपने कागजकलम लेकर बैठते हैं और मेरे पिता हमें नियम और विनियम बताते हैं। अगर आप एक न्यू एशियन विलेज चला रहे हो तो मैं येये उम्मीद करता हूं, और अगर आप लोग इसे पूरा नहीं कर सकते हो, तो इस नाम का इस्तेमाल करना बंद कर दें। ’’सोनिया मुस्कराते हुए कहती हैं, ’’वे बहुत सख्त हैं‘‘। वह आगे कहती हैं, ’’मुझे लगता है कि हमने अपने पिता से बहुत कुछ सीखा है।‘‘
हालांकि, देवांग़ोडी केवल काम ही नहीं करते हैं। उनके दो लडके हैं जिनकी उम्र ६ और २ वर्ष है। रमेश कहते हैं, ’’बच्चे ही मुख्य ध्येय हैं। अगर वे अच्छे हों तो यही सबकुछ है। पैसा तो आताजाता रहता है।’’
सोनिया इसमें ज़ोडते हुए कहती हैं, ’’हम पारिवारिक लोग हैं। जैसे कि, अब हमारे बच्चे हैं तो वास्तव में मेरा सबसे ब़डा विश्वास यह है कि हमारे बच्चे हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं। आपको बताउं, कि मैंने काम करना बहुत कम कर दिया है। पहले मैं सप्ताह के ७ दिन और दिन के १२ घंटे काम करती थी। मेरे बच्चों को मेरी जरूरत है और मुझे उन्हें यह समय देना प़डता है, क्योंकि अगर मैं ऐसा नहीं करती], मुझे बाद में पछतावा होगा। इसलिए हम हंसीखुशी के लिए उनके साथ समय बिताते हैं। हम उन्हें किंसमेन स्विमिंग पूल और बोलिंग के लिए लेकर जाते हैं वास्तव में मैं वाईएमसीए में काफी समय बिताती हूं क्योंकि वह तैराकी, हॉकी, बैडमिंटन, ताईक्वांडो में है। हम लोग बहुत व्यस्त रहते हैं।‘‘
सोनिया अभी से ही भविष्य के बारे में समने बुनने लगी हैं। उनकी बहनों के भी बच्चे हैं, और सोनिया उम्मीद करती हैं कि मौसेरे भाईबहनों में करीबी रहेगी, एक ही उम्र के तीन मौसेरे भाईबहन हैं। मैं सोचती हूं कि भविष्य में वे व्यवसाय अपने हाथ में लेना चाहेंगे। हां, वे न्यू एशियन विलेज चलाएंगे।
रमेश याद करते हुए बताते हैं कि हाल ही में, उनका ६वर्षीय ल़डका रेस्टॉरन्ट में आया। उसने सामने रखे हुए बिजनेस कार्डस उठाए और ग्राहकों को देने लगा। वह ऐसा दो बार कर चुका है। अब जब वह आता है तो उन्हें कार्डस छुपा कर रखने प़डते हैं। सोनिया कहती हैं, ’’मेरा ब़डा ल़डका एकदम मेरे पिता की ही नकल है। वह लोगों को प्यार करता है।‘‘
सोनिया और रमेश देवांग़ोडी की कहानी हिन्दी में प़ढने के लिए यहां क्लिक करें।
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Sonia & Ramesh Devangodi
Sonia and Ramesh Devangodi own and operate the West side and North side New Asian Villages in Edmonton. Ramesh is the executive chef and likes coming up with new recipes. Sonia's favourite part of the business is meeting the customers and running the front of the house.

